Top picks of Mirza Ghalib Shayari in Hindi with Images

Mirza Ghalib Shayari in Hindi

Mirza Ghalib Shayari in Hindi

Mirza Ghalib shayari in Hindi is always in high demand and as we all know, he has a huge fan-base for his Hindi and Urdu Shayari.

Here in this collection, we are presenting mainly three types of Mirza Ghalib's shayari and that is Mirza Ghalib's love shayari, Mirza Ghalib's sad shayari and Mirza Ghalib's shayari on Life.

If you are also a fan of Mirza Ghalib's hindi shayari, then you will definitely love this collection.

Although this collection contains some words of urdu also but they are easily understandable if you read full sher.

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Mirza Ghalib Shayari in Hindi 2 lines

Mirza Ghalib Shayari in Hindi on love

Mirza Ghalib Shayari in Hindi on love

  1. इस सादगी पर कौन ना मर जाए ऐ खुदा, लड़ते हैं मगर हाथ में तलवार नहीं 
  2. हम तो फना होगये उनकी आंखें देखकर ऐ ग़ालिब, ना जाने वो आईना कैसे देखते होंगे        (Mirza ghalib shayari in hindi)
  3. इश्क़ पर कोई ज़ोर नहीं, है यह वो आतिश ग़ालिब, जो लगाए ना लगे और बुझाये ना बने     
  4. इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा करदिया, वरना हम भी आदमी थे काम के 
    Mirza Ghalib Shayari in Hindi on love
  5. उन्हें देखने से जो आ जाती है मुंह पे रौनक, वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है 
  6. मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे, तू देख कि क्या रंग है तेरा मेरे आगे     (Mirza Ghalib 2 lines shayari in Hindi )
  7. हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन, दिल को खुश रखने को ग़ालिब ये ख्याल अच्छा है 
  8. दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई, दोनों को इक अदा में रज़ामंद कर गयी 
    Mirza Ghalib Shayari in Hindi on love
  9. बक रहा हूँ जूनून में क्या क्या कुछ, कुछ ना समझे खुदा करे कोई
  10. तेरे वादे पर जीए हम तो ये जान झूठ जाना, कि ख़ुशी से मर ना जाता अगर ऐतबार होता     (Shayari of Ghalib on Ishq in Hindi)
  11. खत लिखेंगे गर छे मतलब कुछ ना हो, हम तो आशिक़ हैं तुम्हारे नाम के 
  12. बला ऐ जान है ग़ालिब उसकी हर बात, इबादत क्या, इशरत क्या, अदा क्या 

Mirza Ghalib sad Shayari in Hindi

Mirza Ghalib Sad Shayari in Hindi

  1. हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले , बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले
  2. मेरी किस्मत में गम अगर इतना था, दिल भी या रब कई दिए होते 
  3. मेहरबान होके बुला लो मुझे किसी भी वक़्त, मैं गया वक़्त नहीं हूँ कि फिर आ ना सकूँ
  4. हम ने मोहब्बत के नशे में आकर उसे खुदा बना डाला, होश तब आया जब उसने कहा कि खुदा किसी एक का नहीं होता              (Mirza Ghalib Sad Shayari)
  5. इशरत-ए-कतरा है दरिया में फना हो जाना, दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना 
  6. गुज़र जायेगा ये दौर भी ग़ालिब, जरा इत्मीनान तो रख, जब ख़ुशी ही ना ठहरी तो ग़म की क्या औकात है 
  7. कौन पूछता है पिंजरे में बंद परिंदों को ग़ालिब, याद वो ही आते हैं जो उड़ जाते हैं 
    Mirza Ghalib Sad Shayari in Hindi
  8. जब लगा था तीर, तब इतना दर्द ना हुआ ग़ालिब, जख्म का एहसास तब हुआ जब कमान देखी अपनों के हाथों में 
  9. कितना खौफ होता है शाम के अंधेरों में , पूछ उन परिंदों से जिनके घर नहीं होते
  10. हर एक बात पे कहते हो तुम की तू क्या है, तुम ही कहो ये अंदाज़-ऐ-गुफ्तगू क्या है       (Mirza Ghalib ki shayari)
  11. मुझे कहती है तेरे साथ रहूंगी सदा, ग़ालिब बोहत प्यार करती है मुझसे उदासी मेरी
  12. दर्द हो दिल में तो दवा कीजे, दिल ही जब दर्द हो तो क्या कीजे
  13. अगर वो पूछ ले हमसे कि तुम्हें किस बात का ग़म है, तो फिर किस बात का ग़म है अगर वो पूछ ले हमसे
  14. मेरे पास से गुज़र के मेरा हाल तक ना पूछा, मैं कैसे मान जाऊं कि वो दूर जाके रोये 
    Mirza Ghalib Sad Shayari in Hindi
  15. दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है, आखिर इस दर्द की दवा क्या है, हमको उनसे वफ़ा की उम्मीद है, जो नहीं जानते कि वफ़ा क्या है 
  16. मुलाकातें ज़रूरी हैं अगर रिश्ते बचाने हैं, लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी सूख जाते हैं
  17. तू दोस्त किसी के भी सितमगर न हुआ था, औरों पे है वो जुर्म के मुझपे ना हुआ था ?
  18. दर्द मिन्नत काश ऐ दवा ना हुआ, मैं ना अच्छा हुआ, ना बुरा हुआ          (Mirza ghalib shayari in Hindi)
  19. ये ना थी हमारी क़िसमत के विसाल ऐ यार होता , अगर और जीते रहते यही इंतज़ार होता 
  20. हुई मुद्दत के ग़ालिब मरगया, पर याद आता है, वो हर बात पर कहना के "यूं होता तो क्या होता"
  21. दिल में फिर गिरये ने इक शोर उठाया ग़ालिब, आज जो क़तरा ना निकला था सो तूफ़ान निकला
  22. तुम शहर में हो तो हमें क्या ग़म, जब उठेंगे ले आएंगे बाजार से जाकर दिल ओ जान और
  23. दिल-ऐ-नादान तुझे हुआ क्या है, आखिर इस दर्द की दवा क्या है ?


Mirza Ghalib Shayari in Hindi on life

Mirza Ghalib Shayari in Hindi on life

  1. फ़िक्र ऐ दुनिया में सर खपाता हूँ, मैं कहाँ और ये वबाल कहाँ
  2. रात दिन गर्दिश में हैं सात आस्मां, हो रहेगा कुछ ना कुछ ,घबराएं क्या ?
  3. उम्र भर ग़ालिब ये भी भूल करता रहा, धुल चेहरे पर थी और आईना साफ़ करता रहा         (Mirza Ghalib shayari in Hindi on life)
  4. रस्ते कहाँ ख़तम होते हैं ज़िन्दगी के सफर में, मंज़िल तो वो ही है जहां ख्वाहिशें थम जायें
  5. हाथों की लकीरों पे मत जा ऐ ग़ालिब, किस्मत उनकी भी होती है जिनके हाथ नहीं होते
  6. ऐ बुरे वक़्त ज़रा अदब से पेश आ , क्योकि वक़्त नहीं लगता वक़्त बदलने में 
  7. रोक लो गर गलत चले कोई, बख्श दो गर कहता करे कोई 
    Mirza Ghalib Shayari in Hindi on life
  8. ये संगदिलों की दुनिया है, संभलकर चल ग़ालिब, यहां पलकों पर बिठाते हैं, नज़रों से गिराने के लिए 
  9. कुछ इस तरह ज़िन्दगी को आसान करलीया, किसी से माफ़ी ली, तो किसी को माफ़ करदीया 
  10. ना था कुछ तो खुदा था, कुछ ना होगा तो खुदा होगा, डुबाया मुझको होनी ने, न होता मैं तो क्या होता 
  11. मंज़िल मिलेगी भटक कर ही सही, गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं             (Ghalib shayari on Zindagi)
  12. मैं गुज़र गया हूँ, कि मेरा ज़माना ना रहा ?
  13. मसरूफ रहने का अंदाज़ तुम्हें तन्हा ना करदे ग़ालिब, रिश्ते फुर्सत के नहीं तवज्जो के मोहताज होते हैं 
  14. थी खबर गर्म के ग़ालिब के पुर्जे उड़ेंगे, देखने हम भी गए थे पर तमाशा ना हुआ 
    Mirza Ghalib Shayari in Hindi on life
  15. पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है, कोई बतलाओ कि हम बतलायें क्या ?
  16. होगा कोई ऐसा भी के ग़ालिब को ना जाने, शायर तो वो अच्छा है पर बदनाम बोहत है 
  17. कोई दिन गर ज़िंदगानी और है, अपने जी में हमने ठानी और है               (Mirza Ghalib 2 lines shayari in hindi on life)
  18. मंज़र की बुलंदी पर और हम बना सकते, अर्श से इधर होता काश के मकान अपना 
  19. बस के दुश्वार है हर काम का आसान होना, आदमी को भी मुयासर नहीं इंसान होना 

And friends here our collection of Mirza Ghalib's Shayari in Hindi comes to an end. 
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Until then, share this collection with friends who are die hard fans of Mirza Ghalib's 2 line Hindi Shayari. And don't forget to bookmark this page for future use. 
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